शनिवार, जनवरी 27, 2018

Finger print verification: अंगूठे की कीमत

Finger print verification
अंगूठे  की कीमत
करीब एक साल पहले मैंने एक फ़ोन ख़रीदा. उसमें पासवर्ड की जगह एक ऊँगली के निशान  से चलने वाला बटन था. चेन्नई  में  रहते हुए जब भी मुझे फोन चलाना होता -मैं फट से फिंगर प्रिंट वेरिफिकेशन से फ़ोन चालू क र  लेता.

इत्तफाक से साल के अंत यानी दिसंबर २०१७  के दूसरे हफ्ते में हमें अपना मकान बदलना था. पिछले बीस सालों के दौरान इकठ्ठे सामान किसी तरह से इधर से उधर करने में  मेरी भी काफी मशक्क्त हुई।  मेरी क्या हुई मेरे हाथों की हुई. हालांकि मैने बिदेशी मजदूरों की तरह हाथ में दस्ताने भी पहने.  इसी दौरान जीजाजी की बरसी में चम्पावत जाना भी हुआ.  जहाँ का तापमान में धरती और शुक्र ग्रह का जैसा अंतर् था. शुक्र ग्रह का तापमान वगैरह यहाँ देखें (https://mars.nasa.gov/msl/mission/instruments/environsensors/rems/) ।  ये क्यूरोसिटी रोवर का कमाल है.

मैंने देखा -कि चम्पावत जाते जाते मेरे फ़ोन ने मेरे हाथों की उंगलिओं को पहचानने से इंकार कर दिया.  खैर फिलहाल नंबर वाले पासवर्ड को इस्तेमाल करता रहा. लेकिन इस बात से मेरा माथा ठनक गया.

बात सिर्फ इतनी थी कि या तो हाथों से काम  करने से या ठंड से फट जाने से मेरा मोबाइल फ़ोन -फिंगर प्रिंटस को पहचानने  में नाकामयाब रहा था.  आजकल इस तरह के फिंगर प्रिंट वेरिफिकेशन्स शोध संस्थानों या कंपनियों के बाहर लगे होते हैं ताकि आपके काम पर आने या जाने के समय की जांच हो सके. या कहें कि कौन आया -कौन गया ये पता रहे.  या ये कहिये कि अंदर जाने वाले ही जा पाएं, दूसरे नहीं.   ये फिंगर प्रिंट मशीनें या तो आधार संख्या पर चलती हैं या फिर आपके उँगलियों के   निशान एक बार  रिकॉर्ड कर लेती हैं.  इस तरह का वाकया  उन स्कूल के बच्चों के साथ - हो सकता है  जो  इम्तहान से  कुछ दिन पहले  (मेरी तरह से ) काम कर रहे  थे -और इस कारण से अपना  फिंगर प्रिंट वेरीफाई नहीं कर पाए .  मजदूरों के या कामगारों के साथ भी अक्सर  ये हो सकता है.   (इम्तहानों में तो ऐसे बच्चों की अलग से लिस्ट बन जाती है.).

जो भी हो मेरे फ़ोन ने चेन्नई वापिस आने के करीब एक हफ्ते बाद मेरी उँगलियों को फिर से पहचानना चालू  क र दिया है.
सोचा -बात आयी है- तो लिख डालूं।

प्रेम
जनवरी २७, २०१८